यहां जानें दिनभर क्या रहा टेक जगत का हाल. हम यहां आपको टेक्नोलॉजी की दुनिया की 5 बड़ी खबरें दे रहे हैं, नीचे दिए गए लिंक्स पर क्लिक कर विस्तार से पढ़ सकते हैं हमारी पूरी खबर...
WhatsApp के सभी एंड्रॉयड यूजर्स के लिए अब आया ये खास फीचर
iPhone के लिए वॉट्सऐप में हाल ही में ग्रुप वीडियो कॉल्स के लिए एक नया बटन दिया गया था. इस फीचर को लेटेस्ट वॉट्सऐप स्टेबल वर्जन 2.18.380 के जरिए रोलआउट किया जा रहा है. इस बीच वॉट्सऐप की ओर से एंड्रॉयड यूजर्स को भी एक नया फीचर दिया जा रहा है. एंड्रॉयड के लिए वॉट्सऐप के लेटेस्ट वर्जन में PiP फीचर आने जा रहा है.
Fossil की 7 नई टचस्क्रीन स्मार्टवॉच भारत में लॉन्च, जानें कीमत
ग्लोबाल लाइफस्टाइल एक्सेसरीज दिग्गज Fossil ग्रुप ने नई दिल्ली में एक इवेंट के दौरान अपने 6 ब्रांड के तहत 7 नई टचस्क्रीन स्मार्टवॉच को लॉन्च किया. इन स्मार्टवॉच की शुरुआती कीमत 19,995 रुपये है.
स्मार्टफोन न यूज करने पर मिलेगा 72 लाख का इनाम
मोबाइल फोन अब लोगों की जिंदगी का अहम हिस्सा बन चुका है. दिन भर में कई घंटे स्मार्टफोन पर बिताए जा रहे हैं. कोकाकोला की एक कंपनी विटामिन वॉटर ने फोन न यूज करने पर ईनाम देने का ऐलान किया है. ये कंपनी 1 लाख डॉलर यानी लगभग 72 लाख रुपये तक का ईनाम दे सकती है.
ऑनलाइन गेम में की चीटिंग तो इस देश में हो सकती है जेल
बड़े-बड़े छोटे अपराधों पर लोगों जेल जाते अक्सर सुना होगा, लेकिन एक देश ऐसा भी है जैसा गेम चीटिंग करने पर भी जेल जाना पड़ सकता है और यदि आप जेल नहीं जाना चाहते तो आपको इसके लिए फाइन देना होगा. फाइन की रकम भी कितनी है जान लिजिए. ये रकम है $18,000 या करीब 13 लाख रुपये.
13 साल का भारतीय किशोर दुबई में बना सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट कंपनी का मालिक
13 साल की उम्र में जहां आम लोग स्कूल पढ़ाई कर रहे होते हैं या होमवर्क के बोझ तले दबे होते हैं. वहीं दुबई में रहने वाला एक भारतीय किशोर महज 13 साल की उम्र में ही एक सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट कंपनी का मालिक बन गया है. टेक्नोलॉजी के इस नन्हे जादूगर ने 9 साल की उम्र में ही पहला ऐप बना लिया था. इस जादूगर का नाम है आदित्यन राजेश और इनका ताल्लुक केरल से है.
Tuesday, December 18, 2018
Friday, December 14, 2018
VIT में PUBG बैन, कबड्डी और खोखो खेलने को कहा गया
भारत में पबजी मोबाइल गेम तेजी से पॉपुलर हो रहा है और यह नंबर-1 मोबाइल गेमिंग ऐप बन चुका है. दीवानगी इस कदर है लोगों का मोबाइल डेटा कब खत्म हो रहा है कोई खबर नहीं है. लेकिन वेल्लोर इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्नॉलजी का यह कदम आपको अजीब लगेगा. दरअसल VIT ने अपने कैंपस में पबजी खेलने पर बैन लगा दिया है.
सभी हॉस्टलर्स को ईमेल स्टेटमेंट भेजा गया है जिसमें VIT के चीफ ऑफ वॉर्डन्स ने लिखा है, ‘कुछ छात्र पबजी जैसे ऑनलाइन गेम खेल रहे हैं और ये हमारे संज्ञान में आया है. इसकी इजाजत नहीं है. लगातार मनाही के बावजूद हॉस्टलर्स ऑनलाइन गेम खेलकर नियम का उल्लंघन कर रहे हैं जिससे उनके साथ रहने वाले रूम मेट्स को दिक्कत होती है. इससे पूरे हॉस्टल का माहौल खराब हो रहा है’
VIT में किसी भी तरह का ऑनलाइन गेम और बेटिंग पूरी तरह से वर्जित है. इसलिए उल्लंघन करने वालों के साथ VIT कोड ऑफ कनडक्ट क तहत सख्ती से निपटा जाएगा. छात्रों को फिजिकल गेम खेलने या अपने करियर को ज्यादा प्रमुखता देना चाहिए’
गौरतलब है कि पबजी ऑनलाइन गेम है और यह मल्टिप्लेयर भी है. इसमें एक साथ कई लोग जुड़ सकते हैं और बिना इंटरनेट के इसे नहीं चला सकते हैं. इस गेम को सबसे पहले कंप्यूटर के लिए लाया गया था, तब ये भारत में पॉपुलर नहीं था. जैसे ही कंपनी ने इसे मोबाइल के लिए लाया भारत में तेजी पॉपुलर हुआ है.
कैद में मौत
महल से ताल्लुक रखने की वजह से उसे महल में ही कैद कर दिया गया था. सजा मिलने के करीब चार साल बाद 1614 में उसकी मौत हो गई थी. एलिजाबेथ के जीवन पर कई किताबें लिखी जा चुकी हैं. यहां तक कि उस पर फिल्में भी बनाई गई हैं.
गांव की लड़कियां बनी शिकार
उपन्यासकार ब्राम स्टोकर ने उसके जीवन पर आधारित ड्रैकुला उपन्यास लिखा था. एलिजाबेथ की शादी फेरेंक नैडेस्डी नाम के शख्स से हुई थी. बताया जाता है कि उस खूंखार लेडी सीरियल किलर के निशाने पर ज्यादातर गांव की लड़कियां होती थीं. वो उन्हें आसानी से अपना शिकार बना लेती थी. उसकी खौफनाक दास्तान सदियों तक इतिहास में काले धब्बे की तरह जानी जाएगी.
सभी हॉस्टलर्स को ईमेल स्टेटमेंट भेजा गया है जिसमें VIT के चीफ ऑफ वॉर्डन्स ने लिखा है, ‘कुछ छात्र पबजी जैसे ऑनलाइन गेम खेल रहे हैं और ये हमारे संज्ञान में आया है. इसकी इजाजत नहीं है. लगातार मनाही के बावजूद हॉस्टलर्स ऑनलाइन गेम खेलकर नियम का उल्लंघन कर रहे हैं जिससे उनके साथ रहने वाले रूम मेट्स को दिक्कत होती है. इससे पूरे हॉस्टल का माहौल खराब हो रहा है’
VIT में किसी भी तरह का ऑनलाइन गेम और बेटिंग पूरी तरह से वर्जित है. इसलिए उल्लंघन करने वालों के साथ VIT कोड ऑफ कनडक्ट क तहत सख्ती से निपटा जाएगा. छात्रों को फिजिकल गेम खेलने या अपने करियर को ज्यादा प्रमुखता देना चाहिए’
गौरतलब है कि पबजी ऑनलाइन गेम है और यह मल्टिप्लेयर भी है. इसमें एक साथ कई लोग जुड़ सकते हैं और बिना इंटरनेट के इसे नहीं चला सकते हैं. इस गेम को सबसे पहले कंप्यूटर के लिए लाया गया था, तब ये भारत में पॉपुलर नहीं था. जैसे ही कंपनी ने इसे मोबाइल के लिए लाया भारत में तेजी पॉपुलर हुआ है.
कैद में मौत
महल से ताल्लुक रखने की वजह से उसे महल में ही कैद कर दिया गया था. सजा मिलने के करीब चार साल बाद 1614 में उसकी मौत हो गई थी. एलिजाबेथ के जीवन पर कई किताबें लिखी जा चुकी हैं. यहां तक कि उस पर फिल्में भी बनाई गई हैं.
गांव की लड़कियां बनी शिकार
उपन्यासकार ब्राम स्टोकर ने उसके जीवन पर आधारित ड्रैकुला उपन्यास लिखा था. एलिजाबेथ की शादी फेरेंक नैडेस्डी नाम के शख्स से हुई थी. बताया जाता है कि उस खूंखार लेडी सीरियल किलर के निशाने पर ज्यादातर गांव की लड़कियां होती थीं. वो उन्हें आसानी से अपना शिकार बना लेती थी. उसकी खौफनाक दास्तान सदियों तक इतिहास में काले धब्बे की तरह जानी जाएगी.
Tuesday, December 11, 2018
सात सीटों पर मतगणना शुरू, पहले राउंड के बाद आरिफ अकील आगे, मंत्री उमाशंकर गुप्ता पीछे
राजधानी की सात विधानसभा सीटों के लिए पुरानी जेल में मतगणना शुरू हो गई है। डाक मतपत्रों की गिनती के बाद ईवीएम के वोटों की गिनती शुरू होगी। संभवत: 9 बजे पहले राउंड के परिणाम आ जाएंगे। इसके बाद औसत हर 15 से 20 मिनट में राउंडवार परिणाम मिलने शुरू होंगे। सबसे पहले बैरसिया विधानसभा क्षेत्र के परिणाम आने की संभावना है।
भोपाल उत्तर पर पहले राउंड की मतगणना के बाद कांग्रेस के आरिफ अकील 1400 वोटों से आगे हैं। वहीं, दक्षिण-पश्चिम सीट से उमाशंकर गुप्ता पीछे चल रहे हैं। वहीं, गोविंदपुरा सीट पर भाजपा की कृष्णा गौर मामूली अंतर से आगे चल रही हैं। भोपाल की हुजूर सीट से नरेश ज्ञानचंदानी 700 मतों से आगे, भाजपा के रामेश्वर शर्मा पीछे चल रहे हैं।
हर विधानसभा सीट के वोटों की गिनती 14-14 टेबलों पर
बैरसिया सीट पर सबसे कम 266 बूथ हैं। दोपहर 1:30 बजे तक परिणाम सामने आ जाएंगे। यहां त्रिकोणीय मुकाबला भाजपा के विष्णु खत्री, कांग्रेस की जयश्री हरिकरण अौर निर्दलीय ब्रह्मानंद रत्नागर (भाजपा के बागी) के बीच।
उत्तर सीट पर 295 बूथ हैं। परिणाम दोपहर 2:30 बजे तक आ जाएंगे। यहां भाजपा की फातिमा सिद्दीकी व कांग्रेस के आरिफ अकील के बीच मुख्य मुकाबला है।
दक्षिण-पश्चिम पर 284 बूथ हैं। यहां परिणाम दोपहर 3 तक आ जाएंगे। यहां उमाशंकर गुप्ता(भाजपा) व पीसी शर्मा (कांग्रेस) के बीच कांटे की टक्कर मानी जा रही है।
मध्य सीट के 292 बूथ हैं। परिणाम दोपहर 3:30 तक आने की उम्मीद है। यहां कांग्रेस के आरिफ मसूद और भाजपा के सुरेंद्रनाथ सिंह के बीच मुकाबला है।
हुजूर में 367 पोलिंग बूथ हैं। रिजल्ट शाम 4:30 बजे तक आ सकता है। यहां मुख्य मुकाबला कांग्रेस के नरेश ज्ञानचंदानी और भाजपा के रामेश्वर शर्मा के बीच है।
नरेला में पोलिंग बूथों की संख्या 371 है। शाम 5 बजे तक परिणाम आ सकते हैं। मुख्य मुकाबला विश्वास सारंग (भाजपा) व महेंद्र सिंह चौहान (कांग्रेस) के बीच है।
गोविंदपुरा में सबसे ज्यादा 384 बूथ हैं। परिणाम शाम 5:30 के बाद आ सकते हैं। यहां कांग्रेस के गिरीश शर्मा और भाजपा की कृष्णा गौर के बीच कड़ी टक्कर है।
भोजपुर सीट के परिणाम दोपहर 1 बजे तक आ जाएंगे। यहां 299 बूथ हैं। यहां मुकाबला कांग्रेस के सुरेश पचौरी और भाजपा के सुरेंद्र पटवा के बीच है।
भोपाल उत्तर पर पहले राउंड की मतगणना के बाद कांग्रेस के आरिफ अकील 1400 वोटों से आगे हैं। वहीं, दक्षिण-पश्चिम सीट से उमाशंकर गुप्ता पीछे चल रहे हैं। वहीं, गोविंदपुरा सीट पर भाजपा की कृष्णा गौर मामूली अंतर से आगे चल रही हैं। भोपाल की हुजूर सीट से नरेश ज्ञानचंदानी 700 मतों से आगे, भाजपा के रामेश्वर शर्मा पीछे चल रहे हैं।
हर विधानसभा सीट के वोटों की गिनती 14-14 टेबलों पर
बैरसिया सीट पर सबसे कम 266 बूथ हैं। दोपहर 1:30 बजे तक परिणाम सामने आ जाएंगे। यहां त्रिकोणीय मुकाबला भाजपा के विष्णु खत्री, कांग्रेस की जयश्री हरिकरण अौर निर्दलीय ब्रह्मानंद रत्नागर (भाजपा के बागी) के बीच।
उत्तर सीट पर 295 बूथ हैं। परिणाम दोपहर 2:30 बजे तक आ जाएंगे। यहां भाजपा की फातिमा सिद्दीकी व कांग्रेस के आरिफ अकील के बीच मुख्य मुकाबला है।
दक्षिण-पश्चिम पर 284 बूथ हैं। यहां परिणाम दोपहर 3 तक आ जाएंगे। यहां उमाशंकर गुप्ता(भाजपा) व पीसी शर्मा (कांग्रेस) के बीच कांटे की टक्कर मानी जा रही है।
मध्य सीट के 292 बूथ हैं। परिणाम दोपहर 3:30 तक आने की उम्मीद है। यहां कांग्रेस के आरिफ मसूद और भाजपा के सुरेंद्रनाथ सिंह के बीच मुकाबला है।
हुजूर में 367 पोलिंग बूथ हैं। रिजल्ट शाम 4:30 बजे तक आ सकता है। यहां मुख्य मुकाबला कांग्रेस के नरेश ज्ञानचंदानी और भाजपा के रामेश्वर शर्मा के बीच है।
नरेला में पोलिंग बूथों की संख्या 371 है। शाम 5 बजे तक परिणाम आ सकते हैं। मुख्य मुकाबला विश्वास सारंग (भाजपा) व महेंद्र सिंह चौहान (कांग्रेस) के बीच है।
गोविंदपुरा में सबसे ज्यादा 384 बूथ हैं। परिणाम शाम 5:30 के बाद आ सकते हैं। यहां कांग्रेस के गिरीश शर्मा और भाजपा की कृष्णा गौर के बीच कड़ी टक्कर है।
भोजपुर सीट के परिणाम दोपहर 1 बजे तक आ जाएंगे। यहां 299 बूथ हैं। यहां मुकाबला कांग्रेस के सुरेश पचौरी और भाजपा के सुरेंद्र पटवा के बीच है।
Thursday, November 22, 2018
अयोध्या पहुंचने लगे शिवसैनिक, संजय राउत ने किया भूमि पूजन
राम मंदिर निर्माण को लेकर शिवसेना सुप्रीमो उद्धव ठाकरे अपने लाव-लश्कर के साथ अयोध्या पहुंचने वाले हैं. वो पुणे जिले में शिवनेरी किले की मिट्टी को एक कलश में भरकर अपने साथ अयोध्या लाएंगे. यह मिट्टी राम जन्मभूमि के महंत को दी जाएगी.
इस बीच, शिवसेना कार्यकर्ता अयोध्या पहुंच गए हैं. पार्टी के वरिष्ठ नेता और सांसद संजय राउत ने गुरुवार को अयोध्या में लक्ष्मण किले पर भूमि पूजन किया. बता दें कि उद्धव ठाकरे अयोध्या की जमीन से राम मंदिर निर्माण की हुंकार भरेंगे. इसके लिए वे शनिवार को दो दिनोंके दौरे पर अयोध्या पहुंच रहे हैं. वो अयोध्या में पुजारियों और साधु-संतों के साथ बैठक भी करेंगे.
'हर हिंदू की यही पुकार, पहले मंदिर फिर सरकार'
'हर हिंदू की यही पुकार पहले मंदिर फिर सरकार' यह नारा शिवसेना सुप्रीमो उद्धव ठाकरे ने अपने अयोध्या दौरे के पहले दिया है. उनका कहना है कि बीजेपी के लिए 15 लाख रुपए हर शख्स के खाते में डालने जैसा जुमला राम मंदिर भी है. लेकिन अब ऐसा नहीं होगा. जब तक राम मंदिरनहीं बनेगा तब तक सरकार भी नहीं बनेगी.
क्या होगा कार्यक्रम..
बता दें कि उद्धव ठाकरे अयोध्या में रामलला के दर्शन करने के साथ ही सरयू तट पर पूजा- अर्चना भी करेंगे. इसके बाद वो साधु-संतों के साथ चर्चा करेंगे. उद्धव का कहना है कि लोकसभा चुनाव के पहले राम मंदिर के निर्माण का रास्ता साफ हो जाना चाहिए. उधर, बुधवार को मुंबईसे रवाना हुआ शिवसेना कार्यकर्ताओं का एक जत्था भी अयोध्या पहुंचने वाला है.
रोजगार का वादा खोखला
मनमोहन सिंह ने केंद्र की मोदी सरकार पर हमला करते हुए कहा कि 2014 में मोदी ने हर साल देश में 2 करोड़ नौकरी देने का वादा किया था, लेकिन आज वह वादा पूरा नहीं किया जा सका. श्रम विभाग से मिली जानकारी के अनुसार, हर तिमाही में महज कुछ हजार ही नौकरी मिल सकी है. रोजगार देने का सरकार का वादा खोखला निकला. मध्य प्रदेश के युवाओं को भी रोजगार नहीं मिल रहा.
उन्होंने केंद्र सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि मोदी जी ने हर किसी के बैंक खाते में 15-15 लाख देने का वादा किया था, लेकिन इस बारे में क्या हुआ. मोदी सरकार भ्रष्टाचार को बढ़ावा दे रही है. हमने राफेल डील पर जेपीसी की मांग की थी, लेकिन अभी तक इस पर कुछ नहीं हुआ.
व्यापम राज्य में महाघोटाला
उन्होंने राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि मध्य प्रदेश में किसानों की समस्या बहुत ज्यादा है. राज्य सरकार ने किसानों की समस्या पूरा करने में नाकाम रही है. राज्य में व्यापम जैसा महाघोटाला हुआ. उन्होंने कहा कि हमारी सरकार ने कभी भी किसी भी सरकार के साथ भेदभाव नहीं किया था. हमने मध्य प्रदेश के साथ कभी भेदभाव नहीं किया, शिवराज सिंह चौहान इसके गवाह हैं.
इस बीच, शिवसेना कार्यकर्ता अयोध्या पहुंच गए हैं. पार्टी के वरिष्ठ नेता और सांसद संजय राउत ने गुरुवार को अयोध्या में लक्ष्मण किले पर भूमि पूजन किया. बता दें कि उद्धव ठाकरे अयोध्या की जमीन से राम मंदिर निर्माण की हुंकार भरेंगे. इसके लिए वे शनिवार को दो दिनोंके दौरे पर अयोध्या पहुंच रहे हैं. वो अयोध्या में पुजारियों और साधु-संतों के साथ बैठक भी करेंगे.
'हर हिंदू की यही पुकार, पहले मंदिर फिर सरकार'
'हर हिंदू की यही पुकार पहले मंदिर फिर सरकार' यह नारा शिवसेना सुप्रीमो उद्धव ठाकरे ने अपने अयोध्या दौरे के पहले दिया है. उनका कहना है कि बीजेपी के लिए 15 लाख रुपए हर शख्स के खाते में डालने जैसा जुमला राम मंदिर भी है. लेकिन अब ऐसा नहीं होगा. जब तक राम मंदिरनहीं बनेगा तब तक सरकार भी नहीं बनेगी.
क्या होगा कार्यक्रम..
बता दें कि उद्धव ठाकरे अयोध्या में रामलला के दर्शन करने के साथ ही सरयू तट पर पूजा- अर्चना भी करेंगे. इसके बाद वो साधु-संतों के साथ चर्चा करेंगे. उद्धव का कहना है कि लोकसभा चुनाव के पहले राम मंदिर के निर्माण का रास्ता साफ हो जाना चाहिए. उधर, बुधवार को मुंबईसे रवाना हुआ शिवसेना कार्यकर्ताओं का एक जत्था भी अयोध्या पहुंचने वाला है.
रोजगार का वादा खोखला
मनमोहन सिंह ने केंद्र की मोदी सरकार पर हमला करते हुए कहा कि 2014 में मोदी ने हर साल देश में 2 करोड़ नौकरी देने का वादा किया था, लेकिन आज वह वादा पूरा नहीं किया जा सका. श्रम विभाग से मिली जानकारी के अनुसार, हर तिमाही में महज कुछ हजार ही नौकरी मिल सकी है. रोजगार देने का सरकार का वादा खोखला निकला. मध्य प्रदेश के युवाओं को भी रोजगार नहीं मिल रहा.
उन्होंने केंद्र सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि मोदी जी ने हर किसी के बैंक खाते में 15-15 लाख देने का वादा किया था, लेकिन इस बारे में क्या हुआ. मोदी सरकार भ्रष्टाचार को बढ़ावा दे रही है. हमने राफेल डील पर जेपीसी की मांग की थी, लेकिन अभी तक इस पर कुछ नहीं हुआ.
व्यापम राज्य में महाघोटाला
उन्होंने राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि मध्य प्रदेश में किसानों की समस्या बहुत ज्यादा है. राज्य सरकार ने किसानों की समस्या पूरा करने में नाकाम रही है. राज्य में व्यापम जैसा महाघोटाला हुआ. उन्होंने कहा कि हमारी सरकार ने कभी भी किसी भी सरकार के साथ भेदभाव नहीं किया था. हमने मध्य प्रदेश के साथ कभी भेदभाव नहीं किया, शिवराज सिंह चौहान इसके गवाह हैं.
Monday, November 12, 2018
क्यों ठंडा पड़ा टीपू सुल्तान के नाम पर दिखने वाला उन्माद?
कर्नाटक में सत्ता समीकरण बदलते ही उस उन्माद पर ठंडा पानी पड़ गया लगता है, जो बीते चार साल के दौरान टीपू सुल्तान की जयंती के मौके पर होने वाले जश्न और विरोध को लेकर दिखता था.
राज्य में राजनीतिक समीकरण बदलने का असर सुरक्षा इंतज़ामों पर भी दिखा.
टीपू सुल्तान की जयंती पर क़ानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए 57 हज़ार पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया. इनमें से करीब तीन हज़ार पुलिसकर्मी राज्य की राजधानी बेंगलुरू में तैनात किए गए.
मुख्यमंत्री और जनता दल (सेक्युलर) के नेता एचडी कुमारस्वामी राज्य सचिवालय में हुए मुख्य कार्यक्रम में मौजूद नहीं थे. उन्होंने अपनी गैरमौजूदगी की वजह स्वास्थ्य कारणों को बताया.
कार्यक्रम के आधिकारिक निमंत्रण पत्र में भी उनके नाम का ज़िक्र नहीं था.
'अंधविश्वास पर यकीन नहीं'
कुमारस्वामी की गैरमौजूदगी को लेकर आलोचकों ने बीते सालों के उनके बयान को याद दिलाया जब वो कहा करते थे, "जन्मदिन मनाने से समाज को कोई फ़ायदा नहीं होगा."
आलोचनाओं का पूर्वानुमान लगाते हुए कुमारस्वामी ने टीपू सुल्तान के प्रगतिशील कामों और नई खोज के लिए उनकी कोशिशों की सराहना की.
कुमारस्वामी ने एक बयान में कहा, "(डॉक्टर की सलाह पर कार्यक्रम में हिस्सा नहीं लेने का) कोई विशेष अर्थ खोजना अनावश्यक होगा. इस बात में कोई सत्यता नहीं है कि ऐसा मैं इस डर से कर रहा हूं कि मेरी कुर्सी चली जाएगी. मेरा अंधविश्वासों में कोई यकीन नहीं है."
भारतीय जनता पार्टी हमेशा टीपू सुल्तान की जयंती पर होने वाले कार्यक्रमों का ज़ोरदार विरोध करती रही थी, लेकिन इस बार उनके प्रदर्शनों में भी वो धार नहीं दिखी.
राजधानी बेंगलुरू में कार्यक्रम के एक दिन पहले छोटा प्रदर्शन हुआ. भारतीय जनता पार्टी की राजनीति के लिहाज से अहम कोडागू और मैसूर ज़िलों में भी अमूमन शांति रही. सिर्फ़ मुट्ठीभर लोगों ने टीपू सुल्तान के ख़िलाफ़ नारेबाज़ी की.
'सरकार के दोहरे मानदंड'
टीपू सुल्तान ने साल 1766 में अपने पिता हैदर अली के साथ अंग्रेज़ों के ख़िलाफ़ मैसूर की पहली जंग में हिस्सा लिया था. उस वक़्त उनकी उम्र 15 साल थी. साल 1799 में श्रीरंगपट्टनम की चौथी जंग के दौरान युद्ध के मैदान में उनकी मौत हुई थी.
भारतीय जनता पार्टी के प्रवक्ता एस प्रकाश ने कहा, "विरोध के सुर धीमे करने की बात नहीं है. ऐसा नहीं है कि हम टीपू का विरोध करते हैं तो हम बंद बुलाएं और क़ानून-व्यवस्था की दिक्कत पैदा हो. हम सिर्फ़ इस सरकार के दोहरे मानदंड उजागर करना चाहते हैं. मुख्यमंत्री ख़ुद उपस्थित नहीं थे और कांग्रेस पार्टी से आने वाले उपमुख्यमंत्री विदेश चले गए."
राज्य में राजनीतिक समीकरण बदलने का असर सुरक्षा इंतज़ामों पर भी दिखा.
टीपू सुल्तान की जयंती पर क़ानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए 57 हज़ार पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया. इनमें से करीब तीन हज़ार पुलिसकर्मी राज्य की राजधानी बेंगलुरू में तैनात किए गए.
मुख्यमंत्री और जनता दल (सेक्युलर) के नेता एचडी कुमारस्वामी राज्य सचिवालय में हुए मुख्य कार्यक्रम में मौजूद नहीं थे. उन्होंने अपनी गैरमौजूदगी की वजह स्वास्थ्य कारणों को बताया.
कार्यक्रम के आधिकारिक निमंत्रण पत्र में भी उनके नाम का ज़िक्र नहीं था.
'अंधविश्वास पर यकीन नहीं'
कुमारस्वामी की गैरमौजूदगी को लेकर आलोचकों ने बीते सालों के उनके बयान को याद दिलाया जब वो कहा करते थे, "जन्मदिन मनाने से समाज को कोई फ़ायदा नहीं होगा."
आलोचनाओं का पूर्वानुमान लगाते हुए कुमारस्वामी ने टीपू सुल्तान के प्रगतिशील कामों और नई खोज के लिए उनकी कोशिशों की सराहना की.
कुमारस्वामी ने एक बयान में कहा, "(डॉक्टर की सलाह पर कार्यक्रम में हिस्सा नहीं लेने का) कोई विशेष अर्थ खोजना अनावश्यक होगा. इस बात में कोई सत्यता नहीं है कि ऐसा मैं इस डर से कर रहा हूं कि मेरी कुर्सी चली जाएगी. मेरा अंधविश्वासों में कोई यकीन नहीं है."
भारतीय जनता पार्टी हमेशा टीपू सुल्तान की जयंती पर होने वाले कार्यक्रमों का ज़ोरदार विरोध करती रही थी, लेकिन इस बार उनके प्रदर्शनों में भी वो धार नहीं दिखी.
राजधानी बेंगलुरू में कार्यक्रम के एक दिन पहले छोटा प्रदर्शन हुआ. भारतीय जनता पार्टी की राजनीति के लिहाज से अहम कोडागू और मैसूर ज़िलों में भी अमूमन शांति रही. सिर्फ़ मुट्ठीभर लोगों ने टीपू सुल्तान के ख़िलाफ़ नारेबाज़ी की.
'सरकार के दोहरे मानदंड'
टीपू सुल्तान ने साल 1766 में अपने पिता हैदर अली के साथ अंग्रेज़ों के ख़िलाफ़ मैसूर की पहली जंग में हिस्सा लिया था. उस वक़्त उनकी उम्र 15 साल थी. साल 1799 में श्रीरंगपट्टनम की चौथी जंग के दौरान युद्ध के मैदान में उनकी मौत हुई थी.
भारतीय जनता पार्टी के प्रवक्ता एस प्रकाश ने कहा, "विरोध के सुर धीमे करने की बात नहीं है. ऐसा नहीं है कि हम टीपू का विरोध करते हैं तो हम बंद बुलाएं और क़ानून-व्यवस्था की दिक्कत पैदा हो. हम सिर्फ़ इस सरकार के दोहरे मानदंड उजागर करना चाहते हैं. मुख्यमंत्री ख़ुद उपस्थित नहीं थे और कांग्रेस पार्टी से आने वाले उपमुख्यमंत्री विदेश चले गए."
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