Friday, January 25, 2019

क्या कांग्रेस में शामिल होंगे वरुण गांधी? राहुल ने दिया ये जवाब

देश के सबसे बड़े राजनीतिक परिवार के एक और सदस्य की राजनीति में एंट्री हो गई है. प्रियंका गांधी वाड्रा को कांग्रेस पार्टी का महासचिव बनाया गया है और लोकसभा चुनाव के लिए पूर्वी उत्तर प्रदेश की जिम्मेदारी दी गई है. प्रियंका की एंट्री के साथ ही इस प्रकार के कयास भी लग रहे थे कि राहुल के चचेरे भाई वरुण गांधी भी बीजेपी छोड़ कांग्रेस का दामन थाम सकते हैं. जिस पर अब राहुल गांधी ने जवाब दिया है.

ओडिशा के भुवनेश्वर में एक कार्यक्रम के दौरान जब राहुल गांधी से पूछा गया कि क्या वरुण गांधी भी कांग्रेस में शामिल हो सकते हैं. तो उन्होंने कहा, “मैंने इस प्रकार की अटकलें नहीं सुनी हैं.’’

गौरतलब है कि जब राहुल गांधी ने कांग्रेस अध्यक्ष पद संभाला था, तभी से चर्चाएं आम थीं कि अब वरुण गांधी पार्टी में शामिल हो सकते हैं. प्रियंका गांधी की एंट्री के बाद से ही ये अटकलें एक बार फिर जोर पकड़ रही हैं.

आपको बता दें कि पिछले कुछ समय में वरुण गांधी ने ऐसे बयान दिए हैं जिसमें केंद्र सरकार की आलोचना की गई थी. इसमें रोहिंग्या मुसलमानों का मुद्दा मुखर रुप से शामिल रहा था.

संजय गांधी की मौत के बाद अलग हुए थीं मेनका

गौरतलब है कि 1980 में संजय गांधी की एक दुर्घटना में मौत हो गई थी. जिसके बाद से ही मेनका गांधी ने कांग्रेस से दूरी बनाना शुरू कर दिया था. 1988 में उन्होंने जनता दल का दामन थामा था, लेकिन 2004 में वह भारतीय जनता पार्टी में शामिल हो गई थीं.

2004 में ही वरुण गांधी भी बीजेपी में आए और 2009 में पीलीभीत से सांसद चुने गए. 2014 में उन्होंने उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर से लोकसभा चुनाव जीता. वरुण गांधी लोकप्रिय नेता हैं और तेज तर्रार भाषणों के लिए जाने जाते हैं.

माओरी आदिवासियों ने टीम इंडिया का किया अनोखा स्वागत

टीम प्रबंधन ने मैक्लीन पार्क पर ऑलराउंडर विजय शंकर को उतारा, लेकिन हालात को देखते हुए रवींद्र जडेजा की वापसी संभव है. वहीं नेपियर में 23 गेंद में नाबाद 13 रन बनाने वाले अंबति रायडू को एक और मौका मिल सकता है. भारत के लिए राहत का सबब सलामी बल्लेबाज शिखर धवन का फॉर्म में लौटना रहा जो ऑस्ट्रेलिया में उतने कामयाब नहीं रहे.

धवन ने नेपियर में नाबाद 75 रन बनाए. कोहली को 28 जनवरी को होने वाले तीसरे वनडे के बाद ब्रेक दिया जाएगा जिससे प्लेइंग इलेवन में बदलाव हो सकते हैं. शुभमान गिल को मौका दिया जा सकता है. न्यूजीलैंड ने भारत के खिलाफ पिछली घरेलू सीरीज 4-0 से जीती थी, लेकिन इस सीरीज में उसने अपने खेल में सुधार नहीं किया तो नतीजा उल्टा हो सकता है.

Thursday, January 17, 2019

फॉक्सवैगन कल तक 100 करोड़ रु जमा कराए, नहीं तो कार्रवाई होगी: एनजीटी

नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) ने कार कंपनी फॉक्सवैगन को शुक्रवार शाम 5 बजे तक 100 करोड़ रुपए जमा कराने का आदेश दिया है। फॉक्सवैगन की गाड़ियों से वायु प्रदूषण बढ़ने के मामले में एनजीटी ने गुरुवार को यह आदेश दिया। साथ ही कहा कि निर्धारित समय तक पैसे जमा नहीं कराए तो फॉक्सवैगन के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। आदेश नहीं मानने पर कंपनी के इंडिया हेड की गिरफ्तारी हो सकती है। कंपनी की भारत में मौजूद संपत्ति भी जब्त की जा सकती है। फॉक्सवैगन को सेंट्रल पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड में पैसे जमा करवाने होंगे।

फॉक्सवैगन ने पिछले आदेश का पालन नहीं किया
फॉक्सवैगन को पिछले साल 16 नवंबर को एनजीटी ने रकम जमा करवाने का आदेश दिया था लेकिन कंपनी ने ऐसा नहीं किया। इस वजह से एनजीटी को सख्ती बरतनी पड़ी। फॉक्सवैगन की डीजल कारों से साल 2016 में नाइट्रोजन ऑक्साइड का उत्सर्जन काफी ज्यादा हुआ था। कंपनी ने सॉफ्टवेयर के जरिए प्रदूषण का स्तर कम दिखाया।

फॉक्सवैगन पर 171.34 करोड़ रु का जुर्माना लगे: कमेटी
एनजीटी ने नवंबर में 4 सदस्यीय कमेटी बनाई थी। इस कमेटी को यह पता लगाने की जिम्मेदारी दी गई थी कि फॉक्सवैगन की गाड़ियों से पर्यावरण को कितना नुकसान हुआ। कमेटी की रिपोर्ट मंगलवार को सामने आई। इसने फॉक्सवैगन पर 171.34 करोड़ रुपए का जुर्माना लगाने की सिफारिश की है। रिपोर्ट में कहा गया है कि फॉक्सवैगन की कारों से साल 2016 में दिल्ली में करीब 48.678 टन नाइट्रोजन ऑक्साइड का उत्सर्जन हुआ था।

हिंसा भड़कने का डर 
मंगलवार को हरियाणा सरकार ने सीबीआई कोर्ट में याचिका दायर कर सजा की सुनवाई के दौरान राम रहीम की पेशी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से कराने की मांग की थी। सरकार ने दलील दी थी कि 25 अगस्त 2017 को जब डेरा प्रमुख को साध्वी यौन शोषण मामले में पंचकूला की स्पेशल सीबीआई कोर्ट में लाया गया था तो डेरे के समर्थकों ने दंगा कर दिया था। कोर्ट ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से सजा सुनाने की मांग मंजूर कर ली। इसके बाद सुनारिया जेल में अस्थाई कोर्ट बनाने का आदेश दिया गया।

3 जिलों में सुरक्षा कड़ी की गई

फैसले के मद्देनजर पंचकूला, रोहतक और सिरसा में सुरक्षा बढ़ा दी गई है। रोहतक में सुनारिया जेल, पंचकूला में सीबीआई कोर्ट और सिरसा में डेरे की सुरक्षा कड़ी कर दी है। रोहतक में इंडियन रिजर्व बटालियन (आईआरबी) की टीम पेट्रोलिंग करेगी। जेल के चारों ओर 10 नाके लगाए हैं। ड्रोन की मदद से भी नजर रखी जाएगी। सिरसा में सीआरपीएफ की दो कंपनियां तैनात की गई हैं। 38 पुलिस नाके लगाए हैं। पंचकूला में रिजर्व आर्म्ड फोर्स तैनात की है। हाई अलर्ट जारी कर धारा 144 लागू की गई है। जिले में 14 नाके लगाए हैं।

Wednesday, January 9, 2019

मोदी सरकार के लिए अच्छी खबर, 2018-19 में 7.3% रहेगी देश की विकास दर

वर्ल्ड बैंक ने अनुमान लगाया है कि भारत 2018-19 में दुनिया में सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था वाला देश बना रहेगा. मंगलवार को जारी एक रिपोर्ट में विश्व बैंक ने कहा कि चालू वित्त वर्ष के दौरान भारत का सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) 7.3 फीसदी की दर से बढ़ेगा. इसकी तुलना में चीन का विकास दर 6.3 प्रतिशत ही रहने की उम्मीद है.

'ग्लोबल इकोनॉमिक प्रॉस्पेक्ट्स: डार्कनिंग स्काइज़' रिपोर्ट में कहा गया है कि इस वित्तीय वर्ष में अधिकांश विश्व की अर्थव्यवस्थाओं की रफ्तार धीमी रहेगी. हालांकि, इस रिपोर्ट में भारत और दक्षिण एशियाई क्षेत्र के लिए उज्जवल तस्वीर दिखाई गई है.

वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) को लागू करने के नरेंद्र मोदी सरकार के फैसले पर वर्ल्ड बैंक की रिपोर्ट में कहा गया है, “भारत में जीएसटी की हालिया शुरूआत और नोटबंदी के कदम ने अनौपचारिक क्षेत्रों को औपचारिक क्षेत्र में बदलने के लिए प्रोत्साहित किया है."

अर्थव्यवस्था में फिर आ रही तेजी

वर्ल्ड बैंक के अनुसार, भारत की GDP 2018-19 में 7.3 प्रतिशत की दर से बढ़ेगी. यह अगले दो वित्तीय वर्षों में 7.5 प्रतिशत तक पहुंच जाएगा. जीडीपी में यह बढ़त बढ़ी हुई खपत और निवेश का परिणाम है. नोटबंदी और जीएसटी के कारण अस्थायी मंदी के बाद अर्थव्यवस्था में फिर से तेजी आ रही है.

वर्ल्ड बैंक की रिपोर्ट में कहा गया है कि 2017 में भारत की अर्थव्यवस्था में जीएसटी और नोटबंदी के कारण गिरावट गिरावट आई थी. 2017 में चीन का विकास दर 6.9 प्रतिशत रहा, जबकि भारत की जीडीपी वृद्धि 6.7 प्रतिशत थी. वर्ल्ड बैंक प्रॉस्पेक्ट्स के ग्रुप डायरेक्टर अहान कोसे ने कहा कि भारत का ग्रोथ आउटलुक अभी भी मजबूत है. भारत अब भी सबसे तेजी से बढ़ती बड़ी अर्थव्यवस्था है.

वहीं मंगलवार को लगातार तीसरे कारोबारी दिन शेयर बाजार में तेजी का रुख रहा. सेंसेक्‍स 130 अंक चढ़ गया जबकि निफ्टी 10,800 अंक के स्तर से ऊपर निकल गया.  तीन दिन की तेजी में सेंसेक्स 460 से ज्‍यादा अंक चढ़ चुका है.  बता दें कि चीन के शेयर बाजार बुधवार को मजबूती के साथ खुले. शंघाई कंपोजिट सूचकांक 0.39 प्रतिशत की मजबूती के साथ 2,536.42 पर खुला. समाचार एजेंसी सिन्हुआ के अनुसार, शेनजियान कंपोनेंट सूचकांक 0.46 प्रतिशत की मजबूती के साथ 7,425.63 पर खुला.

भारतीय मुद्रा रुपये में डॉलर के मुकाबले पिछले सत्र से बढ़त देखी गई. रुपया बुधवार को डॉलर के मुकाबले पिछले सत्र से 15 पैसे की बढ़त के साथ 70.05 पर खुला. पिछले सत्र में रुपये में कमजोरी आई थी, जिसकी मुख्य वजह अंतर्राष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल में आई तेजी रही है. कमोडिटी विश्लेषक बताते हैं कि अंतर्राष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के भाव में तेजी आने से भारत में तेल आयात के लिए ज्यादा डॉलर की जरूरत होगी, इसलिए रुपये पर दबाव आया, हालांकि पिछले सत्र के मुकाबले रुपया थोड़ा संभला है.

उधर, दुनिया की छह प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले डॉलर की ताकत का सूचकांक डॉलर इंडेक्स बुधवार को फिर 0.11 नीचे फिसलकर 95.377 के स्तर पर आ गया. दरअसल, इन छह मुद्राओं के समूह में सबसे अधिक भारांक वाली मुद्रा यूरो और आस्ट्रेलियन डॉलर व ब्रिटिश पौंड में डॉलर के मुकाबले मजबूती रही, जबकि जापानी येन में कमजोरी दर्ज की गई.

Tuesday, January 1, 2019

2019 में कोहली की अग्निपरीक्षा, भारत को दिला पाएंगे वर्ल्ड कप?

इंटरनेशनल क्रिकेट में रनों और शतकों की झड़ी लगाने वाले टीम इंडिया के कप्तान विराट कोहली के लिए 2018 बेहद शानदार साल रहा है. अब नए 2019 की चुनौतियां उनका इंतजार कर रही हैं. मौजूदा दौर में दुनिया के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों में शुमार कोहली को बल्लेबाज के तौर पर ही नहीं, कप्तान के तौर पर भी इस साल अग्निपरीक्षा से गुजरना होगा. उनके लिए अपनी श्रेष्ठता साबित करने के लिए बड़ा मौका है. 

2019 में विराट कोहली के सामने सबसे बड़ी चुनौती है इंग्लैंड में होने वाला 50 ओवरों का क्रिकेट वर्ल्ड कप. कोहली की कप्तानी का लिटमस टेस्ट इसी टूर्नामेंट में होगा. 2019 वर्ल्ड कप ही कोहली की कप्तानी की दशा और दिशा तय कर सकता है. कोहली के पास कपिल देव और महेंद्र सिंह धोनी के क्लब में शामिल होने का मौका होगा.

1983 में भारत को कपिल देव ने पहली बार वर्ल्ड कप जिताया था. उसके ठीक 28 साल बाद महेंद्र सिंह धोनी ने भारत को 2011 का वर्ल्ड चैंपियन बनाया. अब 8 साल बाद विराट कोहली पर भारत को तीसरा वर्ल्ड कप का खिताब जिताने का जिम्मा है.

विराट कोहली और महेंद्र सिंह धोनी की कप्तानी का स्टाइल अलग है. विराट, धोनी की तरह कामयाबी के नए कीर्तिमान बनाएंगे और टीम इंडिया को सवालों के दौर से आगे ले जा सकेंगे, इसे लेकर सबकी दिलचस्पी बनी हुई है.

बतौर कप्तान महेंद्र सिंह धोनी और विराट कोहली बिल्कुल दो अलग शख्सियत हैं. एक ने टीम इंडिया को ऐतिहासिक कामयाबियां दिलाई हैं, तो एक कल की उम्मीदों का नायक है. एक के नाम खिताबों की लंबी फेहरिस्त है, तो एक से खिताबों की बड़ी उम्मीद.

विराट कोहली अपने आक्रामक तेवर के लिए जाने जाते हैं. बल्लेबाजी हो या कप्तानी विराट कोहली अपना तेवर बरकरार रखते हैं. वह आक्रामक हैं और अपनी भावनाएं छिपाते नहीं. साल 2008 में अंडर 19 टीम को वर्ल्ड चैंपियन बनाने वाले कप्तान कोहली के करियर का सबसे बड़ा पड़ाव और मौका आ गया है, जिसका उन्होंने सपना देखा होगा.

वर्ल्ड कप का इंग्लैंड में होना विराट कोहली के लिए एडवांटेज हो सकता है, क्योंकि दो साल पहले कोहली इसी धरती पर वर्ल्ड कप की ड्रेस रिहर्सल कर चुके हैं. 2017 में कोहली ने इंग्लैंड में खेले गए मिनी वर्ल्ड कप यानी चैंपियंस ट्रॉफी में भारत को टूर्नामेंट के फाइनल तक पहुंचाया था. लेकिन, इस बार फैंस को उम्मीद होगी कि भारत को चैंपियंस ट्रॉफी 2017 उपविजेता बनाने वाले कोहली इस बार भारतीय टीम को वर्ल्ड कप जितवा दें.

इस साल इंग्लैंड में वर्ल्ड कप 30 मई से 14 जुलाई तक खेला जाएगा. इस दौरान वहां काफी गर्मी होगी, जिससे इंग्लैंड के हालात भारत को रास आएंगे. ऐसे में विराट ब्रिगेड के पास अच्छा मौका होगा. भारतीय टीम काफी संतुलित नजर आ रही है, लेकिन उसके सामने वर्ल्ड कप में मेजबान इंग्लैंड, ऑस्ट्रेलिया, साउथ अफ्रीका और पाकिस्तान जैसी टीमों की चुनौती होगी. अगर विराट की सेना दो साल पहले चैंपियंस ट्रॉफी में किए गए प्रदर्शन को दोहराने में कामयाब होती है, तो भारत को वर्ल्ड कप जीतने से कोई नहीं रोक सकता.

भारतीय टीम के पास कप्तान विराट कोहली समेत रोहित शर्मा, महेंद्र सिंह धोनी, हार्दिक पंड्या, शिखर धवन, कुलदीप यादव और जसप्रीत बुमराह जैसे स्टार खिलाड़ी है. ऐसे में बाकी टीमों पर उसका पलड़ा भारी होगा. वर्ल्ड कप के इतिहास में रिकॉर्ड 5 बार खिताब ऑस्ट्रेलिया ने जीता है. ऑस्ट्रेलिया के बाद वर्ल्ड कप की कामयाब टीमों की बात करें तो उसमें 2-2 खिताब के साथ संयुक्त रूप से भारत और वेस्टइंडीज के नाम शामिल है. भारत अगर 2019 का वर्ल्ड कप जीत लेता है, तो वह तीन खिताब के साथ ऑस्ट्रेलिया के बाद दूसरी सबसे कामयाब टीम बन जाएगा.